Friday, 13 February 2015

ये कहानी इक ऐसे व्यक्ति की है जो एक फ्रीजर प्लांट में काम करता था । वह दिन का अंतिम समय था व् सभी घर जाने को तैयार थे तभी प्लांट में एक तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी और वह उसे दूर करने में जुट गया । जब तक वह कार्य पूरा करता तब तक अत्यधिक देर हो गयी । दरवाजे सील हो चुके थे व् लाईटें बुझा दी गईं । बिना हवा व् प्रकाश के पूरी रात आइस प्लांट में फसें रहने के कारण उसकी बर्फीली कब्रगाह बनना तय था । घण्टे बीत गए तभी उसने किसी को दरवाजा खोलते पाया । क्या यह इक चमत्कार था ? सिक्यूरिटी गार्ड टोर्च लिए खड़ा था व् उसने उसे बाहर निकलने में मदद की। वापस आते समय उस व्यक्ति ने सेक्युर्टी गार्ड से पूछा - आपको कैसे पता चला कि मै भीतर हूँ ? गार्ड ने उत्तर दिया - सर, इस प्लांट में 50 लोग कार्य करते हैँ पर सिर्फ एक आप हैँ जो सुबह मुझे हैलो व् शाम को जाते समय बाय कहते हैँ । आज सुबह आप ड्यूटी पर आये थे पर शाम को आप बाहर नही गए । इससे मुझे शंका हुई और मैं देखने चला आया । वह व्यक्ति नही जानता था कि उसका किसी को छोटा सा सम्मान देना कभी उसका जीवन बचाएगा । याद रखेँ, जब भी आप किसी से मिलते हैं तो उसका गर्मजोश मुस्कुराहट के साथ सम्मान करें । हमें नहीं पता पर हो सकता है कि ये आपके जीवन में भी चमत्कार दिखा दे ।
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई, मिसेज के आगे मदर रद्द हो गई !
बड़ी मेहनत से जिसने पाला, आज वो मोहताज हो गई !
और कल की छोकरी, तेरे सर का ताज हो गई !
बीवी हमदर्द और मॉं सरदर्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद .........
पेट पे सुलाने वाली, पैरों में सो रही !
बीवी के लिए लिम्का, मॉं पानी को रो रही !
सुनता नहीं कोई, वो आवाज देते सो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद .........
मॉं मॉजती बर्तन , वो सजती संवरती है !
अभी निपटी ना बुढ़िया तू , वह उस पर बरसती है !
अरे दुनिया को आई मौत, मौत तेरी कहॉ गुम हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद ...........
अरे जिसकी कोख में पला, अब उसकी छाया बुरी लगती,
बैठे होण्डा पे महबूबा, कन्धे पर हाथ जो रखती,
वो यादें अतीत की, वो मोहब्बतें मॉ की, सब रद्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद ...........
बेबस हुई मॉ अब, दिए टुकड़ो पर पलती है,
अतीत को याद कर, तेरा प्यार पाने को मचलती है !
अरे मुसीबत जिसने उठाई, वो खुद मुसीबत हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद .......

Monday, 2 February 2015

*०*गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।*०*
.*०*गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है।*०*
.*०*गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।*०*
.*०*(20-25 ग्राम) घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है।*०*
.*०*गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है।*०*
.*०*नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाताहै।*०*
.*०*गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।*०*
.*०*गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।*०*
.*०*गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।*०*
*०*हाथ पाव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ठीक होता है।*०*
.*०*हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी।*०*
.*०*गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है।*०*
.*०*गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है*०*
.*०*गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।*०*
.*०*अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।*०*
.*०*हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा। *०*
.*०*गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। *०*
.*०*जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाइ खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, हर्दय मज़बूत होता है।*०*
.*०*देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है।*०*
.*०*घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें। प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है.*०*
.*०*फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है।*०*
. *०* गाय के घी की झाती पर मालिस करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायक होता है।*०*
*०*सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष
कम हो जायेगा।*०*
.*०*दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने
से माइग्रेन दर्द ठीक होता है। *०*
.*०*सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।*०*
.*०*यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन
को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।*०*
*०*एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है।*०*
.*०*गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है।
*०*गाय का घी एक अच्छा (LDL) कोलेस्ट्रॉल है। उच्च
कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है।*०*
*०*अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार, नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और कफ) को संतुलित करता है।*०*
.**वन्दे गऊ मातरम***

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Wednesday, 28 January 2015

Alphabets are so Intelligently arranged...
They show you the way of life...
"A"lways
"B"e
"C"ool.
"D"on't have
"E"go with
"F"riends n Family.
"G"iveup
"H"urting
"I"ndividuals.
"J"ust
"K"eep
"L"oving
"M"ankind.
"N"ever
"O"mit
"P"rayers.
"Q"uietly
"R"emember God.
"S"peak
"T"ruth.
"U"se
"V"alid
"W"ords.
"X"press
"Y"our
"Z"eal.
Awesome Msg.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
जो पैदा हो तो गालियों की बोछार हो जाये
मरा हो घर मे कोईइस तरह घर गमसार हो जाये
तुझे साँसों को भी गिन गिन के लेना पड़ता है
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
जैसे जैसे तेरी उम्र बड़ने लगी,
भीड़ तेरे पीछे पीछे चलने लगी,
तुझे सबकी नज़र मे रहना पड़ता है.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
कदम से कदम मिलाकर भला कैसे चले तू,
हर राह पे भला कबतक जगी रहे तू,
तुझे हर कदम फूक फूक के चलना पड़ता है.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है.......

Tuesday, 27 January 2015

समाज में बेटी के पैदा होने को अभिशाप मानने वाले लोगों के लिए देश की सबसे युवा कैबिनेट मंत्री की कहानी शर्मसार करने के लिए काफी है. नरेंद्र मोदी की सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी जब पैदा हुईं थीं तो घर के ही लोगों ने उनकी मां को ताने मारने शुरू कर दिए थे. उनकी मां को हमेशा कहा जाता था—
बेटी अभिशाप है. लेकिन आज वे जिंदा हैं और देश की ताकतवर मंत्रियों में शुमार की जाती हैं तो उसका श्रेय प्रगतिशील सोच वाले उनके माता- पिता को जाता है. बचपन में एक बार स्मृति गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं. ऐसी स्थिति में परिवार की एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें बिना किसी वस्त्र के जमीन पर छोड़ दिया था ताकि मर-खप जाए. स्मृति इंडिया टुडे के साथ उस घटना का स्मरण करती हैं, ''मेरी माता जी ने विरोध किया तो उन्हें कहा गया कि बेटी है और मर जाएगी तो तुम्हारी जिंदगी आसान हो जाएगी. पिता जी घर में सबसे छोटे थे. उन्होंने भी विरोध किया. माता-पिता के प्रगतिशील सोच की वजह से ही आज मैं यहां पहुंची हूं. ''
दिल्ली के ही गरीब परिवार में पैदा हुई स्मृति की शुरुआती पढ़ाई उनके ही शब्दों में 'टेंट वाले सरकारी स्कूल' में हुई है. मुफलिसी के दिन कैसे थे, स्मृति आज भी जब उसे याद करती हैं तो चेहरे पर दर्द साफ झ्लकता है. वे कहती हैं, ''मैंने जिंदगी में वे दिन देखे हैं. जब मैं पांचवीं या छठी क्लास में थी. तब पायलट पेन नया-नया आया था. मेरे पास वह पेन खरीदने का पैसा नहीं था. मैं वहां से आई हूं. मैं लोगों को समझ नहीं पाती क्योंकि मैं ऐसी स्थिति से आई हूं. जब आप उन परिस्थितियों से आते हैं तो वाकई बहुत अच्छा लगता है. '' तीन बहनों में सबसे बड़ी स्मृति ने जब अपने दम पैरों पर खड़ा होने के लिए दिलवालों की दिल्ली छोड़ मायानगरी मुंबई का रुख किया तो उन्हें वहां मैकडोनल्ड्स में झाडू-पोंछा और वेटर का भी काम करना पड़ा, लेकिन उनका आत्मविश्वास नहीं डिगा. पर उन्हें पहचान मिली टीवी लाइन में जब उन्होंने क्योंकि सास भी कभी बहू थी टीवी धारावाहिक में तुलसी की भूमिका अदा की. आज भी वे इसी उपनाम से जानी जाती हैं. लेकिन टीवी इंडस्ट्री में आने से पहले वे पत्रकारिता में भी हाथ आजमा चुकी थीं.
वे बताती हैं,
''मीडिया लाइन में काम किया है. बोरिंग टीवी इंटरव्यू लिए. घंटों इंतजार किया. मुझे सबसे खराब तब लगता था जब 11 बजे कुछ इंटरव्यू या खबर लेकर आती थी और संपादक कहते थे डेडलाइन 12 बजे तक है. ''
अब देश की युवा कैबिनेट मंत्री ईरानी अपने राजनैतिक करियर के बारे में कहती हैं, ''मैं राजनीति में राजनीति करने नहीं आई. विधिवत मुझे मेंबर बनना पड़ा इसलिए बीजेपी की मेंबर बनी, वरना संघ और समाज सेवा का काम मैं पहले से करती आ रही थी. मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परिवार की तीसरी पीढ़ी से हूं. '' लेकिन राजनीति के बारे में उनका ख्याल परिवार की अन्य दो पीढिय़ों से अलग है. वे कहती हैं, ''परिवार की सोच थी कि सेवा भाव से काम करना है तो सामजिक क्षेत्रों में ही रहो, राजनीति में क्यों जा रही हो? लेकिन मैंने देखा है, पॉलिसी में परिवर्तन तभी आता है जब आप पॉलिसी का हिस्सा बनें. वह राजनीति से ही संभव है. मैं सही मायने में बदलाव चाहती थी.
'' अपनी राजनैतिक सफलता पर वे कुछ इस अंदाज में चुटकी लेती हैं, ''मैं हमेशा कहती हूं कि जो मीडिया में राजनीति को आसानी से हैंडल कर ले वह राजनीति को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है. ''

Friday, 23 January 2015

एक बार एक छोटी चिड़िया सर्दी में खाने की तलाश में उड़ कर जा रही थी ,
ठंड इतनी ज्यादा थी की उससे सहन नही हुई और खून जम जाने से वो वहीँ एक मैदान में गिर गयी....
वहां पर एक गाय ने आकर उसके ऊपर गोबर कर दिया , गोबर के नीचे दबने के बाद उस चिड़िया को एहसास हुआ की उसे दरअसल उस गोबर के ढेर में गर्मी मिल रही थी ,
लगातार गर्माहट के एहसास ने उस छोटी चिड़िया को सुकून से भर दिया और उसने गाना गाना शुरू कर दिया....
वहां से निकल रही एक बिल्ली ने उस गाने की आवाज़ सुनी और देखने लगी की ये आवाज़ कहाँ से आ रही है ,
थोड़ी देर बाद उसे एहसास हुआ की ये आवाज़ गोबर के ढेर के अंदर से आ रही है ,
उसने गोबर का ढेर खोदा और उस चिड़िया को बाहर निकाला और उसे खा गयी.....
" आपके ऊपर गंदगी फेंकने वाला हर इंसान आपका दुश्मन नही होता , और आपको उस गंदगी में से बाहर निकलने वाला हर इंसान आपका दोस्त नही होता..
हमे हर कहानी से कुछ सीख लेनी चाहिए ।
अगर आपको कुछ सीख मिली तो लाईक करे ।।