Wednesday, 28 January 2015

Alphabets are so Intelligently arranged...
They show you the way of life...
"A"lways
"B"e
"C"ool.
"D"on't have
"E"go with
"F"riends n Family.
"G"iveup
"H"urting
"I"ndividuals.
"J"ust
"K"eep
"L"oving
"M"ankind.
"N"ever
"O"mit
"P"rayers.
"Q"uietly
"R"emember God.
"S"peak
"T"ruth.
"U"se
"V"alid
"W"ords.
"X"press
"Y"our
"Z"eal.
Awesome Msg.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
जो पैदा हो तो गालियों की बोछार हो जाये
मरा हो घर मे कोईइस तरह घर गमसार हो जाये
तुझे साँसों को भी गिन गिन के लेना पड़ता है
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
जैसे जैसे तेरी उम्र बड़ने लगी,
भीड़ तेरे पीछे पीछे चलने लगी,
तुझे सबकी नज़र मे रहना पड़ता है.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है........
कदम से कदम मिलाकर भला कैसे चले तू,
हर राह पे भला कबतक जगी रहे तू,
तुझे हर कदम फूक फूक के चलना पड़ता है.
तू लड़की है तुझे हर नज़र से बचना पड़ता है.......

Tuesday, 27 January 2015

समाज में बेटी के पैदा होने को अभिशाप मानने वाले लोगों के लिए देश की सबसे युवा कैबिनेट मंत्री की कहानी शर्मसार करने के लिए काफी है. नरेंद्र मोदी की सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी जब पैदा हुईं थीं तो घर के ही लोगों ने उनकी मां को ताने मारने शुरू कर दिए थे. उनकी मां को हमेशा कहा जाता था—
बेटी अभिशाप है. लेकिन आज वे जिंदा हैं और देश की ताकतवर मंत्रियों में शुमार की जाती हैं तो उसका श्रेय प्रगतिशील सोच वाले उनके माता- पिता को जाता है. बचपन में एक बार स्मृति गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं. ऐसी स्थिति में परिवार की एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें बिना किसी वस्त्र के जमीन पर छोड़ दिया था ताकि मर-खप जाए. स्मृति इंडिया टुडे के साथ उस घटना का स्मरण करती हैं, ''मेरी माता जी ने विरोध किया तो उन्हें कहा गया कि बेटी है और मर जाएगी तो तुम्हारी जिंदगी आसान हो जाएगी. पिता जी घर में सबसे छोटे थे. उन्होंने भी विरोध किया. माता-पिता के प्रगतिशील सोच की वजह से ही आज मैं यहां पहुंची हूं. ''
दिल्ली के ही गरीब परिवार में पैदा हुई स्मृति की शुरुआती पढ़ाई उनके ही शब्दों में 'टेंट वाले सरकारी स्कूल' में हुई है. मुफलिसी के दिन कैसे थे, स्मृति आज भी जब उसे याद करती हैं तो चेहरे पर दर्द साफ झ्लकता है. वे कहती हैं, ''मैंने जिंदगी में वे दिन देखे हैं. जब मैं पांचवीं या छठी क्लास में थी. तब पायलट पेन नया-नया आया था. मेरे पास वह पेन खरीदने का पैसा नहीं था. मैं वहां से आई हूं. मैं लोगों को समझ नहीं पाती क्योंकि मैं ऐसी स्थिति से आई हूं. जब आप उन परिस्थितियों से आते हैं तो वाकई बहुत अच्छा लगता है. '' तीन बहनों में सबसे बड़ी स्मृति ने जब अपने दम पैरों पर खड़ा होने के लिए दिलवालों की दिल्ली छोड़ मायानगरी मुंबई का रुख किया तो उन्हें वहां मैकडोनल्ड्स में झाडू-पोंछा और वेटर का भी काम करना पड़ा, लेकिन उनका आत्मविश्वास नहीं डिगा. पर उन्हें पहचान मिली टीवी लाइन में जब उन्होंने क्योंकि सास भी कभी बहू थी टीवी धारावाहिक में तुलसी की भूमिका अदा की. आज भी वे इसी उपनाम से जानी जाती हैं. लेकिन टीवी इंडस्ट्री में आने से पहले वे पत्रकारिता में भी हाथ आजमा चुकी थीं.
वे बताती हैं,
''मीडिया लाइन में काम किया है. बोरिंग टीवी इंटरव्यू लिए. घंटों इंतजार किया. मुझे सबसे खराब तब लगता था जब 11 बजे कुछ इंटरव्यू या खबर लेकर आती थी और संपादक कहते थे डेडलाइन 12 बजे तक है. ''
अब देश की युवा कैबिनेट मंत्री ईरानी अपने राजनैतिक करियर के बारे में कहती हैं, ''मैं राजनीति में राजनीति करने नहीं आई. विधिवत मुझे मेंबर बनना पड़ा इसलिए बीजेपी की मेंबर बनी, वरना संघ और समाज सेवा का काम मैं पहले से करती आ रही थी. मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परिवार की तीसरी पीढ़ी से हूं. '' लेकिन राजनीति के बारे में उनका ख्याल परिवार की अन्य दो पीढिय़ों से अलग है. वे कहती हैं, ''परिवार की सोच थी कि सेवा भाव से काम करना है तो सामजिक क्षेत्रों में ही रहो, राजनीति में क्यों जा रही हो? लेकिन मैंने देखा है, पॉलिसी में परिवर्तन तभी आता है जब आप पॉलिसी का हिस्सा बनें. वह राजनीति से ही संभव है. मैं सही मायने में बदलाव चाहती थी.
'' अपनी राजनैतिक सफलता पर वे कुछ इस अंदाज में चुटकी लेती हैं, ''मैं हमेशा कहती हूं कि जो मीडिया में राजनीति को आसानी से हैंडल कर ले वह राजनीति को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है. ''

Friday, 23 January 2015

एक बार एक छोटी चिड़िया सर्दी में खाने की तलाश में उड़ कर जा रही थी ,
ठंड इतनी ज्यादा थी की उससे सहन नही हुई और खून जम जाने से वो वहीँ एक मैदान में गिर गयी....
वहां पर एक गाय ने आकर उसके ऊपर गोबर कर दिया , गोबर के नीचे दबने के बाद उस चिड़िया को एहसास हुआ की उसे दरअसल उस गोबर के ढेर में गर्मी मिल रही थी ,
लगातार गर्माहट के एहसास ने उस छोटी चिड़िया को सुकून से भर दिया और उसने गाना गाना शुरू कर दिया....
वहां से निकल रही एक बिल्ली ने उस गाने की आवाज़ सुनी और देखने लगी की ये आवाज़ कहाँ से आ रही है ,
थोड़ी देर बाद उसे एहसास हुआ की ये आवाज़ गोबर के ढेर के अंदर से आ रही है ,
उसने गोबर का ढेर खोदा और उस चिड़िया को बाहर निकाला और उसे खा गयी.....
" आपके ऊपर गंदगी फेंकने वाला हर इंसान आपका दुश्मन नही होता , और आपको उस गंदगी में से बाहर निकलने वाला हर इंसान आपका दोस्त नही होता..
हमे हर कहानी से कुछ सीख लेनी चाहिए ।
अगर आपको कुछ सीख मिली तो लाईक करे ।।

जब भी आप किसी से मिलते हैं तो उसका गर्मजोश मुस्कुराहट के साथ सम्मान करें ।

ये कहानी इक ऐसे व्यक्ति की है जो एक फ्रीजर प्लांट में काम करता था।
वह दिन का अंतिम समय था व् सभी घर जाने को तैयार थे तभी प्लांट में एक तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी और वह उसे दूर करने में जुट गया । जब तक वह कार्य पूरा करता तब तक अत्यधिक देर हो गयी ।  दरवाजे सील हो चुके थे व् लाईटें बुझा दी गईं ।
बिना हवा व् प्रकाश के पूरी रात आइस प्लांट में फसें रहने के कारण  उसकी बर्फीली कब्रगाह बनना तय था। घण्टे बीत गए तभी उसने किसी को दरवाजा खोलते पाया ।...
क्या यह इक चमत्कार था ?
सिक्यूरिटी गार्ड टोर्च लिए खड़ा था व् उसने उसे बाहर निकलने में मदद की । वापस आते समय उस व्यक्ति ने सेक्युर्टी गार्ड से पूछा
"आपको कैसे पता चला कि मै भीतर हूँ ?"
गार्ड ने उत्तर दिया " सर, इस प्लांट में 50 लोग कार्य करते हैँ
पर सिर्फ एक आप हैँ जो सुबह मुझे हैलो व् शाम को जाते समय बाय कहते हैँ । आज सुबह आप ड्यूटी पर आये थे पर शाम को आप बाहर नही गए । इससे मुझे शंका हुई और मैं देखने चला आया । वह व्यक्ति नही जानता था कि उसका किसी को छोटा सा सम्मान देना कभी उसका जीवन बचाएगा ।
याद रखेँ, जब भी आप किसी से मिलते हैं तो  उसका गर्मजोश मुस्कुराहट के साथ सम्मान करें ।
हमें नहीं पता पर हो सकता है कि  ये आपके जीवन में भी चमत्कार दिखा दे ।

Thursday, 22 January 2015

एक बच्चे ने अपनी माँ को रोते देखा 
तो पापा से पुछा माँ क्यो रोती है.??
पापा ने जवाब दिया 
सारी औरते बिना बात के रोती है..
बच्चा कुछ समझ ना पाया और वो बड़ा हो गया.
एक दिन उसने भगवान से पूछा कि
औरते क्यो रोती है बिना बात के.?
भगवान ने जवाब दिया,
जब मै औरत को बना रहा था,
तो मैने फैसला किया कि उसे
कुछ खास बनाना हैं,
मैने उसके कँधे मजबूत बनाये,
ताकि वह
दुनियादारी का बोझ उठा सके।
उसके बाहो को कोमल बनाया,
ताकि बच्चो को आराम महसूस हो सके।
मैने उसे इतनी आत्मशक्ति दी,
ताकि वह नये जीव को धरती पर ला सके ।
मैने उसे साहसी बनाया,
ताकि मुशकिल वक्त मे वह
चट्टान की तरह खड़ी रहे और
अपने परिजनो का ख्याल रख सके।
मैने उसे संवेदनशील
और विवेकी बनाया,
ताकि वह सबकी मदद कर सके
और माफ कर सके।
और मैने उसकी आखो मे आँसू दिये,
ताकि वो अपने दुख को कम कर सके ।!
women are the best
मुस्कान, चेहरे की कीमत बढाती है
प्यार, ह्रदय की कीमत बढ़ाता है .
आदर, हमारे व्यवहार की कीमत बढ़ाता है.
.
.
मित्र और परिवार हमारे जीवन की कीमत बढ़ाते है |

Wednesday, 14 January 2015

जिँदगी के दिमाग हिला देने वाले सच!!

गौर से दो बार पढे जिँदगी के दिमाग हिला देने वाले सच!!
जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रहा जाता है।
*
जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।
*
जब हम चले जाते है तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
*
एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा -
"मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।"
सीख?
ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
• अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।
• मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है।
• मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।
• आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।
• पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।
• पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।
• 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता
तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो
• स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें।
• प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।
• जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।
• शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।
• धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।
बेहतर जीवन जीयें !!!
काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को,
काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को,
काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को,
भूल जाएं - अपनी नेकियों को,
भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को,
भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को,
छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना,
छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना,
छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना,
छोड दें - दूसरों की चुगली करना,
छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना,

Thursday, 8 January 2015

"Degree" उनकी जगह भी तय होती है ,कि उनको कहाँ रखा जायेगा और समय उनको कहाँ ले जायेगा ..

" डिग्रियाँ " भी भाग्य लेकर आती हैं .
उनकी जगह भी तय होती है ,कि उनको कहाँ रखा जायेगा और समय उनको कहाँ ले जायेगा ..
बड़ी अजीब किंतु कड़वी सच्चाई ये है कि ज्यादातर लड़कियों की "डिग्री" रद्दी से भी बदत्तर हो जाती है ...घर के किसी कमरे के कोने में रखी अलमारी या बक्से में बीच में दबे हुए ये पन्ने घुटकर रह जाते हैं।लेकिन लड़कियाँ बेफिक्री के साथ उसी घर में मौज से रह रही होती हैं।उन्हें ये याद तक नहीं होता कि उनके पास कौन सी डिग्री है ...
पर खूबसूरत सच ये भी है कि हर "डिग्री" उस लड़की की एक कहानी अपने अंदर छुपाई होती है ...जो दीवाली की सफाई में हाथ लग जाने के बाद अक्सर सुनाई देती है ... " हे राम ये देखो पन्ने और पीले हो गए , साइड से फट भी गयी है, ये देखो कितने अच्छे नम्बर थे ड्राइंग में ... पेंटर बनना था मुझे तब ... अब तो ... छोडो ...
और फिर से एक बार कभी कीमती कहे जाने वाले ये डिग्री के पन्ने कपड़ों के बीच दबा दिए जाते
हैं ...मैंने कुछ दिन पहले लिखा था "ईष्या "का गुण लड़कियों में भगवान् स्वतः ही भेजता है। मैं अगर बीते सालों की बात करूँ तो कॉलेज में मिलने वाली डिग्री के ऊपर अंकित नंबरों के लिए क्या - क्या नहीं किया जाता था। उसे भी दोस्त बनाया जाता है जिससे कोई पहचान नहीं थी... और उसे छोड़ भी दिया जाता है जो सालों से अपना था। खास बात ये होती है कि, क्लास में अच्छे नंबर वाले विद्यार्थी के साथ दो बातें सामानांतर चलती हैं
" एक तो उसके सामने बहुत मित्र होते हैं और पीछे बहुत से दुश्मन "
खैर ... मेरे साथ भी कई बार हुआ है और यकीनन इन सारी गलतियों में उस समय शामिल रहना बड़ा स्वाभाविक था । पर ये सब कुछ था सिर्फ "डिग्री के अच्छे नंबरों के लिए "
इसमें कुछ गलत नहीं ... स्वाभाविक है ... अच्छे नम्बर लाने की होड़ प्रतिस्पर्धा पैदा करा देती है ...
एक लड़की ऑटो में मेरे साथ थी.पास के गाँव में रहने वाली बड़ी साधारण सी लड़की। MA का पेपर देकर आई थी।मैंने उससे पूछा और क्या करोगी आगे।
बोली ...बस MA ही ... तभी शादी होगी ...
ससुरालवाले MA माँग रहे हैं
अच्छा ....
जॉब करोगी क्या !!!
नहीं नहीं ...
तो फिर !!
M.A क्यों !!
पता नहीं...कहा था M.A.कर लो, बस डिग्री होनी चाहिए ...
वो रोज 20 किलोमीटर का सफ़र महज डिग्री के लिए कर रही थी ...खास बात ये है कि कुछ कॉलेज
ऐसी लड़कियों के लिए मसीहा होते हैं । ऐसे ही ना जाने कितनी लड़कियाँ क्या - क्या नहीं करती इस "डिग्री" के लिए ... सबके पास अपनी एक कहानी है ... मेरे पास भी और तुम्हारे पास भी ...
कुछ डिग्रियाँ भाग्य वाली होती हैं जिन्हें मुकाम मिल जाता है और कुछ बाद में ऐसी जगह छुपकर रह जाती हैं जहाँ से दूर दूर तक इसे कोई ना देख पाये ...

Monday, 5 January 2015

Discussion on Remedy of Heart Attack

हृदय की देखभाल :
प्रश्न 1- एक आम आदमी के लिये अपने हृदय की सुरक्षा के नियम क्या है?
उत्तर - इन बातों पर ध्यान देवे ।
भोजन - जिसमें कार्बोहाईड्रेट की मात्रा कम हो, प्रोटीन की मात्रा अधिक हो और उसमें तेल की मात्रा भी कम हो।
व्यायाम - कम से कम आधा घंटा घूमना, एक सप्ताह में कम से कम 5 दिन। लिफ्ट का प्रयोग न करें और लंबे समय की बैठक न करे।
धुम्रपान - धुम्रपान को छोड़ दें।
वजन - वजन नियंत्रण रखे।
ब्लड़ प्रेशर - अपना बी. पी. नियंत्रित रखे। साथ ही शुगर पर भी नियंत्रण रखें।
प्रश्न 2- क्या माँसाहारी भोजन करना हृदय के लिये अच्छा है?
उत्तर - नहीं।
प्रश्न 3- एक स्वस्थ आदमी को दिल का दौरा पड़ने की बात सुनकर बड़ा धक्का लगता है। इसकी वास्तविकता को कैसे समझे?
उत्तर - इसे शांत अटैक कहा जाता है इसीलिये हम हर उस व्यक्ति को जो 30 वर्ष या उससे अधिक आयु का होता है को सलाह देते है कि वह नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराए।
प्रश्न 4- क्या हृदय रोग एक विरासत वाला रोग है जो माता-पिता से मिलता है?
उत्तर - हाँ।
प्रश्न 5- वे कौन सी स्थितियाँ है जिसमें हृदय तनावग्रस्त हो जाता है? उसे तनाव मुक्त करने के लिये आप क्या कहेगे ।
उत्तर - अपना जीवन के प्रति नजरिया बदले। जीवन में हर बात की संपूर्णता या सिद्ध हस्तता (मास्टरी) को ध्यान में न रखे।
प्रश्न 6- क्या घूमना जाॅगिंग से अच्छा है या कोई अन्य व्यायाम हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है?
उत्तर- घूमना जाॅगिंग से श्रेष्ठ है जाॅगिंग शीघ्र थकान व जोड़ो की क्षति का कारण हो सकता है।
प्रश्न 7- आपने गरीब और आवश्यकता वाले लोगों के लिये बहुत कुछ किया है, इसकी प्रेरणा कहाँ से मिली?
उत्तर - मदर टेरेसा से जो कि मेरी मरीज थी।
प्रश्न 8- क्या लो ब्लड़ प्रेशर वाले लोगों को हार्ट अटैक हो सकता है?
उत्तर - बहुत कम संभावना है।
प्रश्न 9- क्या कोलेस्ट्राॅल कम उम्र में ही बड़ना प्रारंभ कर देता है?
उत्तर - हाँ, यह बचपन से ही बढ़ने लगता है।
प्रश्न 10- किस प्रकार अनियमित खानपान हृदय को प्रभावित करता है?
उत्तर - आप जंक फूड खाना छोड़ दें। जब आदतें अनियमित हो जाती है और आपका शरीर एंजाईम स्त्रावित करने लगता है तो आपका हाजमा गड़बड़ा जाता है।
प्रश्न 11- बिना किसी दवाई का उपयोग किये कोलेस्ट्राॅल पर किस प्रकार नियंत्रण किया जाये?
उत्तर - अपने भोजन पर नियंत्रण करे और पैदल चलें और अखरोट खाएँ।
प्रश्न 12- सबसे अच्छा और सबसे खराब भोजन हृदय के लिये क्या है?
उत्तर - फल एवं सब्जियाँ श्रेष्ठ भोजन है। सभी प्रकार के तेल बुरे भोजन में समाविष्ट है।
प्रश्न 13- रूटिन चेकअप क्या है? इन्हें कैसे कराया जावे? क्या इनमें कोई विशेष टेस्ट होता है?
उत्तर - रूटिन ब्लड़ शुगर टेस्ट शकर के स्तर को बतलाता है। बी. पी. चेक कराएँ, इको कराएँ। यदि जरूरी है तो फिर ट्रेड मिल टेस्ट कराये।
प्रश्न 14- प्राथमिक उपचार की कौन सी श्रेणियाँ है जो हार्ट अटैक के समय प्रयोग की जा सकती है?
उत्तर - सोई हुई दशा में व्यक्ति की मदद करें। एक एस्पिरिन की गोली को जीभ के नीचे रखें जो सारबीरेट टेबलेट के साथ रखी जानी चाहिये यदि उपलब्ध है तो और उसे कोरोनरी केअर युनिट ले जाएँ। पहले प्रथम घंटे में अधिक सावधानियाँ व सहायता का ध्यान रखें।
प्रश्न 15- आप हार्ट अटैक और गेस्ट्रिक ट्रबल से होने वाले दर्द में किस प्रकार भिन्नता जानेंगे?
उत्तर - ई सी जी के बगैर यह बताना मुश्किल है।
प्रश्न 16- युवा लोगों में हार्ट अटैक का मुख्य कारण क्या है? आज 30-40 वर्ष की आयु के लोगों में हार्ट अटैक की समस्या देखने को मिल रही है साथ ही गंभीर हृदय संबंधी समस्याएँ हो रही है।
उत्तर - जितनी जागरूकता बढ़ती है उतनी ही घटनाएँ भी बढ़ती है। अनियमित जीवनशैली, धुम्रपान, जंकफूड, व्यायाम का अभाव, लोगों में आज भारतीयों में जन्मजात के कारण तीन गुना हृदय रोग की समस्याएँ अधिक हो रही है बजाय अमेरिकनों व यूरोपियनों के।
प्रश्न 17- क्या यह किसी व्यक्ति के लिये संभव है कि उसका बी. पी. सामान्य स्तर (120/80) से अधिक है फिर भी वह स्वस्थ हो?
उत्तर - हाँ।
प्रश्न 18- नजदीकी रिश्तों में शादियाँ हार्टअटैक की समस्या को जन्म दे सकती है बच्चों में क्या यह सत्य है?
उत्तर - हाँ, समान गोत्र के कारण या रक्त की एकरूपता बच्चों में जन्मजात असामान्यताएँ पैदा कर सकती है।
प्रश्न 19- हम में से कईयों का दैनिक रूटिन अनियमित होता है। कई बार हमें देर रात तक अपने आफिस मे रूकना होता है, क्या यह हमारे हृदय को प्रभावित करता है? आप इसके लिये कौन सी सावधानियाँ सुझाऐंगे?
उत्तर - जब तक आप जवान है प्रकृति आपकी रक्षा करती है, सभी प्रकार की अनियमितताओं के होते हुए भी आप स्वस्थ रहते है किंतु जैसे-जैसे आप वृद्ध होने लगते है तो आपको बायोलाॅजिकल चक्र का सम्मान करना ही होगा।
प्रश्न 20- क्या एन्टी हायपरसेंटिव ड्रग लेने से कुछ और काम्प्लीकेशनों का जन्म हो सकता है जो दीर्घकालिक या अल्पकालिक हो?
उत्तर - हाँ अधिकांश दवाओं के साईड इफेक्ट होते है फिर भी आधुनिक हायपरसेंटिव दवाएँ आज सुरक्षित है।
प्रश्न 21- क्या अधिक चाय या काॅफी पीना हार्ट अटैक का कारण हो सकता है?
उत्तर - नहीं।
प्रश्न 22- क्या अस्थमा रोग के मरीजों को अधिक हार्ट अटैक का खतरा रहता है?
उत्तर- नहीं।
प्रश्न 23- आप जंक फूड को किस प्रकार परिभाषित करेगी?
उत्तर- तले हुए खाद्य पदार्थ जैसे फ्राइड चिकन , मेकडोनाल्ड्स, डमिनोज् , समोसा और मसाला डोसा आदि।
प्रश्न 24- आपने कहा है कि भारतीय 3 गुना अधिक हृदय रोग से प्रभावित हो सकते है, इसका क्या कारण है? जबकि यूरोपियन व अमेरिकन लोग अधिक मात्रा में जंक फूड का सेवन करते है।
उत्तर - कई तरह की असुरक्षित मानव जीवन की दौड़ कुछ रोगों का कारण होती है। दुर्भाग्यवश भारतीय लोग कुछ खर्चीले रोगों की असुरक्षित बीमारियों से ग्रस्त है।
प्रश्न 25- क्या केले खाना उच्च रक्तचाप को कम करता है?
उत्तर- नहीं।
प्रश्न 26- क्या कोई हार्ट अटैक के समय अपनी स्वयं की सहायता कर सकता है?
उत्तर - हाँ। आराम की स्थिति में या सुविधा जनक स्थिति में लेट जाएँ और एक एस्पिरिन की गोली अपनी जीभ के नीचे रख लें और किसी से कहे कि वह शीघ्र ही आपको किसी हृदय रोग अस्पताल में ले जाएँ। इसमें देरी न हो इसके लिये एम्बुलेंस का भी इंतजार न करें।
प्रश्न 27- क्या कम सफेद ब्लड़ कार्पोसिल्स की मात्रा व कम हेमोग्लोबिन भी हार्ट समस्याओं के लिये जिम्मेदार है?
उत्तर - नहीं, किंतु एक आदर्श हेमोग्लोबिन स्तर आपकी व्यायाम की क्षमता को अवश्य बढ़ाएगा।
प्रश्न 28- कभी-कभी समयाभाव के कारण व्यायाम करना कठिन हो जाता है ऐसे में घर के अहाते में घूमना या सीढ़ी चढ़ना-उतरना घर की व्यायाम का विकल्प हो सकता है।
उत्तर - निश्चय ही। लगातार बैठक को टाले, आधे घंटे से अधिक न बैठे। इसके पश्चात् कुर्सी से उठे और दूसरी कुर्सी पर जाकर बैठे। ऐसा करना आपकी बड़ी मदद करेगा।
प्रश्न 29- क्या हृदय की समस्या व ब्लड़ शुगर में आपसी संबंध है?
उत्तर- हाँ बहुत मजबूत रिश्ता है। आपको विदित हो कि मधुमेह की कमजोरी हार्ट अटैक के लिये मधुमेह रोगी में अधिक जिम्मेदार होगी बजाय गैर मधुमेह रोगी के।
प्रश्न 30- वे कौन-कौन सी बातें है जो हृदय रोगी के मरीज को हृदय के आपरेशन के पश्चात् ध्यान रखनी चाहिये?
उत्तर - भोजन, व्यायाम, दवाएँ समय से लें, कोलेस्ट्राॅल पर नियंत्रण, बी. पी. व वजन पर नियंत्रण आदि।
प्रश्न 31- क्या वे लोग जो रात पाली में कार्य करते है, अधिक हृदय रोग का शिकार होते है बजाय दिन में काम करने वालों के?
उत्तर - नहीं।
प्रश्न 32- आधुनिक हायपरटेंशन दवाएँ क्या है?
उत्तर - सैकड़ों प्रकार की दवाएँ है उनमें से आपके चिकित्सक आपके लिये एक सही दवाई का चुनाव कर सकते है किंतु मेरे मत से दवा के बजाय प्राकृतिक रूप से ब्लड़ प्रेशर पर नियंत्रण करो, घूमो, ऐसा भोजन लो जो वजन कम करे और जीवन शैली के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलो।
प्रश्न 33- क्या डिस्प्रीन या उसके जैसी सिरदर्द की गोली हार्ट अटैक रिस्क को बढ़ावा देती है?
उत्तर- नहीं।
प्रश्न 34- हार्ट अटैक की रिस्क महिलाओं के बजाय पुरूषों में अधिक क्यों होती है?
उत्तर- प्रकृति महिलाओं की 45 वर्ष की आयु
तक रक्षा करती है। वैसे वर्तमान वैश्विक गणना में स्पष्ट किया है कि आज हार्ट डिसीज के मामले पुरूषों के बजाय महिलाओं में अधिक होते है।
प्रश्न 35- एक आदमी अपने हृदय को पूर्णतः स्वस्थ किस प्रकार रख सकता है?
उत्तर- स्वस्थ भोजन करे, जंक फूड को त्यागे, प्रतिदिन व्यायाम करें, धुम्रपान न करें और यदि 30 वर्ष की आयु पार कर चुके है तो स्वास्थ्य का नियमित चेकअप कराएँ। यह छः माह में एक बार सुझाया गया है।
कृपया ज्ञान का संचय न करें, ज्ञान को बाँटना ही विश्व के लिये हितकर है इसलिये इस संदेश को भी अपने रिश्तेदारों व मित्रों में बाँटिए जिससे कि वे भी इस जानकारी का लाभ ले सके ।
धन्यवाद ।।